नमकीन ज़िंदगी और कुछ मीठे मीठे खाव्ब

Posted: March 21, 2014 in Uncategorized

Beautifully portrayed Sir!!

A writers photography...

नमकीन ज़िंदगी और कुछ मीठे मीठे खाव्ब 

ज़रा सी हंसती ज़रा सी रोती 

Image

और मुस्कराहट भरे खाव्ब 
कभी बाच्चों जैसी मचलती 
कभी सयानो जैसी बहुत से सवाल पूछते खाव्ब 
बारिश में भीगती 
तो कभी गलियों में भागती 
गीली मिटटी कि खुसबू जैसे खाव्ब 
सरहाने के पास रखे मोगरे कि गंध जैसी 
और कभी साँसों में भर जाए तुम्हारी महक जैसे 
गुदगुदाने वाले खाव्ब 
बहुत खूबसूरत सी लगने लगती  दुनिया 
और कभी सुनी सुनी सी  तुम्हारे बिना 
कुछ आंसू भरे खाव्ब 
बचपन कि यादों से भरी 
माँ के गोद में सर रख कर सोने वाले 
प्यारे प्यारे से खाव्ब 
इमली से खट्टी और कभी आम सी मिठी 
सफीद से कैनवास पे रंग बी रंगे खाव्ब 
ज़िन्दगी में सबसे प्यारी, सबसे अनमोल, ढेर सारी 
मुझ जैसी ज़िन्दगी
और तुम जैसे मीठे मीठे खाव्ब 
 
_________
Shoumik De

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Comments
  1. shoumik says:

    Thank you my friend 🙂

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